ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.
फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।
गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं (काली, तारा, बगलामुखी, त्रिपुरसुंदरी, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, धूमावती, मातंगी, कमला और भैरवी) की साधना की जाती है। ये महाविद्याएं साधक को विशेष आध्यात्मिक शक्तियां और सिद्धियां प्रदान करती हैं।
जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि
डॉ. कुणाल कुमार झा ने बताया कि इस नवरात्रि में साधक लोग पूरे विश्व के भले के लिए साधना करेंगे, जिससे अच्छा फल मिले. यह नवरात्रि तंत्र साधकों के लिए खास मानी जाती है, जो अपनी तंत्र साधना को दूसरों से छिपाकर करते हैं.
Gupt Navratri is especially crucial for many who are deeply involved with the sphere of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the greatest time to accomplish results in Distinctive sadhana also to acquire click here blessings with the Guru.
The Goddess' blessings provide prosperity in the shape of prosperity and grains in the home, together with fiscal prosperity. Simultaneously, men and women searching for spiritual knowing would discover adoring the Goddess during Gupt Navratri to be exceedingly auspicious. If you worship all through Gupt Navratri for spiritual upliftment, you will have mystical experiences.
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
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पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
ना करे रक्षा तो महाबली भैरव की दुहाई।।